Read it First : This Months VishvGuru Ojaswi Highlights.

 

युवा महर्षि पूज्य नारायण साई जी की प्रेरणा से प्रकाशित मासिक पत्रिका विश्वगुरु ओजस्वी का मार्च माह का अंक विश्व वन्दनीय भारतीय संस्कृति को आध्यात्म जगत की नई ऊँचाइयों पर पहुंचाने वाली महान हस्तियों को समर्पित है.

पूज्य माँ की भक्ति और करुणा :  प्रेम, करुणा और वात्सल्य की साक्षात् मूर्ति ज्ञानस्वरूपा माँ लक्ष्मी मैयाजी के अवतरण दिवस 12 मार्च फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा होली पर इस अंक में विशेष सामग्री का प्रकाशन अवश्यमेव पढने योग्य है. अपनी ओजस्वी वाणी से लाखों- करोड़ों को आनंदित और आल्हादित करने वाली मैया जी के बारे में कई अनछुए पहलुओं पर इस अंक में साधकों को विशेष कवरेज पढने को मिलेगा. जिससे उनके आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को नई चेतना प्राप्त होगी.  पूज्य मैया जी यानि की एक निरंतर बहने वाली ज्ञान गंगा है. बड़े ही सद्भाग्य से हमें इस पवित्र वरदायिनी ज्ञान गंगा में स्नान करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है.सत्य के मार्ग पर चलने वाले हर साधक के भीतर पूज्य माँ अनंत शक्ति का स्त्रोत प्रवाहित कर देती है. अपने उद्दार की लगन जितनी हममे नहीं है, उतना मैया जी हमारे बारे में सोचती है. मैया जी के साथ प्रश्नोतरी के साथ और भी सामग्री पत्रिका के पेज 17 से 20 पर पढिये.

जनम जनम से फिरते आये चौरसी का फेरा,

लेकिन मैया हमने आपको कभी न पहचाना,

मंगलमय है आपकी करुणा और अनहद प्रीति,

हरि चरणों में प्रीति दे दो, बस इतनी विनती हमारी,

हे माँ लक्ष्मी देवी, हे माँ लक्ष्मी देवी..

श्री चैतन्य महाप्रभु : ये भी परमात्मा की अद्भुत लीला है कि 12 मार्च फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा को ही महाप्रभु का भी अवतरण दिवस है. जन मन में भक्ति और ईश्वरीय प्रेम की सरिता बहाने वाले महाप्रभु के जीवन अमृत से कुछ बूंदे साधकों तक पहुँचाने का पुनीत प्रयास पेज 31 पर किया गया है. इस प्रेरणादायक प्रसंग से साधकों को अवश्य भक्ति और साधना में गति मिलेगी.

साई श्री लीलाशाह जी महाराज : हमारे पूज्य बापूजी के सदगुरुदेव साई श्री का प्रकटीकरण दिवस 23 मार्च को है. ब्रह्मज्ञानी महापुरुषों की परम्परा आज भी जीवित है. सदगुरु स्वामी रामानन्दजी महाराज की परम्परा अपने सतशिष्य संत कबीरदास जी पंथ से लेकर पूज्य संत श्री आसाराम जी बापूजी जैसे महापुरुषों की ये संत परम्परा आज भी वन्दनीय है. पेज 27-28 पर लेख में इसी संत परम्परा की सिलसिलेवार जानकारी के साथ सदगुरुदेव साई श्री जी के कुछ संस्मरण भी अंक में संग्रहित है. इन तीनों ही महान विभूतियों के अवतरण दिवस पर सादर चरण वंदन..!!

आओ! खेले परम्परागत रंगों से होली... के आव्हान के साथ रंग पर्व के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्त्व पर पेज 23 पर विशेष लेख. भारत के विभिन्न प्रान्तों में इस पर्व को अलग अलग तरीके से मनाने का जीवंत वर्णन के साथ ही प्राकृतिक रंगों से होली का त्यौहार मनाने की जानकारी और उसके फायदे भी बताये गए है.

वर्तमान मीडिया के बारे में दृष्टिकोण : पूज्य साई जी का कहना है कि पत्रकारिता की तो बहुत पुरानी परम्परा है, उस परम्परा में सत्य के लिए बलिदान करने की परम्परा है. लेकिन आज तो सत्ता के लिए बलिदान करने की परम्परा चल पड़ी है. आइये ! हम इसे रोकें,बदले ! अच्छी ख़बरों के साथ लोगों को जगाने में ही पत्रकारिता का असली आनंद है. आगे पढ़े .. (पेज 05).

ओजस्वी आध्यात्म का फार्मूला : 21 वीं सदी का रामराज्य ही ओजस्वी आध्यात्म है, जो सत्य,प्रेम ,करुणा के त्रिकोण पर स्थापित होना चाहिए. ओजस्वी आध्यात्म की ब्लूप्रिंट, फार्मूला ऐसा है कि मात्र अधिक विचार ही नहीं,परन्तु विचारों की तुलना में चाहे दस प्रतिशत ही लेकिन कदम उठाये जाएँ. गुरुकृपा की अलौकिक अंतप्रेरणा पूज्य साई जी के शब्दों में पेज 9 पर अवश्य पढिये. इसके अतिरिक पूज्य साई जी का समसामयिक घटनाओं तथा मेरी कलम से आपके लिए के नियमित स्तम्भ.

कलियुग का भगवान विश्वासघाती है : मौजूदा व्यवस्था में न्यायधीशों का भ्रटाचार सबसे ऊँचें दर्जे का विश्वासघात है. उस खेत की रक्षा कैसे होगी, जिसकी बाड ही किनारों को खा रही है?? सवाल उठाता वरिष्ठ न्यायविद एवं अधिवक्ता नई विमल वधावन

अन्य आकर्षण – वर्तमान में शिक्षा में परिवर्तन की आवश्यकता, आज के अधिकांश शिक्षक वेइटर बन गए है (पेज 13). विश्व की ओजस्वी कुशल प्रतिभाएं.. हुनुर है तो कदर है ! साबरमती का गुरुकुल तराश रहा है गूगल बच्चे (पेज 15). योगलीला में पूज्य बापूजी का अहमदाबाद में मंगल पदार्पण और आदर्श ऋषि जीवन जीने का आग्रह (पेज 25). योगबल से शरीर को गुरुत्वाकर्षण से मुक्त करके हवा में ऊपर रख सकते है (पेज 21). विश्व महिला दिवस (पेज 22).

 तो आइये आप क्यों वंचित रहे...पत्रिका की सदस्यता के लिए आज ही संपर्क और कॉल किजिये...9351592312
अब विश्वगुरु ओजस्वी मासिक पत्रिका की सदस्यता प्राप्त करना हुआ और भी आसान। www.ojaswi.co.in अथवा www.narayansai.org पर login करे एवं सदयस्य बने या आप mpesa transfer से करे कहीं से भी सदस्यता शुल्क का भुगतान । अधिक जानकारी के लिए sms OJASWI VISHVGURU MEMBER to 53636.

Share on :