Delhi's Kanooni Patrika publishes Pujya Saiji's article on 'Overall Improvement in Prisons is needed.'

राष्ट्र के नीति नियंताओं तक पहुंचेगा साईं जी का जेल समग्र सुधार सुझाव

राजधानी नई दिल्ली से प्रकाशित मासिक  क़ानूनी पत्रिका में पूज्य नारायण  साईं जी का जेल में समग्र सुधार सुझाव कार्यक्रम पर आधरित इस लेख के साथ यह पत्रिका प्रकाशन समूह द्वारा देश के प्रधानमन्त्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, न्याय मंत्री, मानव संसाधन मंत्री सहित सभी राज्यों के मुख्मंत्रियों आदि राष्ट्र नीति नियंताओं तक यह अंक प्रेषित करते हुए  भारतीय जेलों की मौजूदा स्थिति में सुधार के लिए जल्द ही एक जनहित याचिका भी लगाई जाएगी. पूज्य साईं जी के सुझाव पर आधारित परिवर्तनकारी विचारों से ठोस व स्थायी परिणामों से भारत की जेलों में बंद लाखों बंदियों के जीवन में अच्छे दिनों की जल्द शुरुआत हो सकेगी.इस पत्रिका में पुरे चार पेज के लेख में पूज्य साईं जी द्वारा प्रणित जेल सुधार के लिए सम्पूर्ण प्रस्तावित कार्य योजना का सिलसिलेवार जिम्मेदारी पूर्वक प्रकाशन कर संपादक मंडल ने अपनी समग्र गंभीरता का परिचय दिया है. ताकि पूज्य साईं जी के अनुभव संपन्न विचारों और सुझावों का लाभ मिल सके.पूज्य साईं जी ने बंदियों के शारीरिक,मानसिक विकास के साथ उन्हें स्वावलंबी बनाने के साथ दक्षता पूर्वक उनकी योग्यताओं के विकास पर अपना जेल में समग्र सुधार फोकस किया है. यह लेख सही मायने जेल के अंदर की दशा सुधारने के साथ बंदियों के जीवन को नई दिशा देने वाला एक कारगर दस्तावेज है.

हम आपको बता देवे इस पत्रिका में देश के न्यायविदों के साथ जेल सुधार की दिशा में कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त कई चिंतकों के विचार भी प्रकाशित किये गये है.लेकिन महत्वपूर्ण बात तो यह है कि पूज्य साईं जी ने जेल में रहकर जी कुछ देखा ओर अनुभव किया, उसी आधार पर सुझाव दिए गये है. गौरतलब यह है कि इस पत्रिका के मुख्या सम्पादक नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता श्री विमल वधावन योगाचार्य हैं जो स्वयं काफी लम्बे समय से कैदियों के मानस परिवर्तन और कारागार सुधार के विषय में चिंतन, पठान, लेखन और प्रक्रिया में रत हैं. पत्रिका के संपादक विमल वधावन योगाचार्य का कहना  है  जेल सुधार एक सामाजिक कार्य है. इस दिशा में क़ानूनी पत्रिका का यह अंक महत्वपूर्ण दस्तावेज है.

 अपने तरह के इस अनूठे प्रयोग से सरकार को देश के जेलों की मौजूदा व्यवस्थाओं में सुधार के लिए योजना पूर्ण तरीके से कार्य करने में बड़ी मदद मिल सकती है. 

पूज्य साँई जी द्वारा लिखित लेख पढ़ने हेतु :

Kanuni Patrika Lekh 2017.pdf

 

 

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