Pujya Saiji made prisoners do yoga on International Yoga Day.

सूरत/ 21 जून 17/ योगी कही भी रहे, वो लोगों को योग से जोड़े बगैर कैसे रह सकता है!! और जब बात महायोगी की हो तब कहना ही क्या..जी हाँ , हम बात कर रहे है महायोगी पूज्य श्री नारायण प्रेम साईं जी की. संजोग से वे आज सूरत लाजपौर जेल में है और संयोग देखिये कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूज्य साईं जी के मार्गदर्शन में मनाया गया. यंहा साईं जी ने जेल के 2500 लोगों के बीच सामूहिक योग किया. 

सूत्र बताते है कि अंतर राष्ट्रिय योग दिवस की प्रभात को महायोगी श्री नारायण साईं जी सूरत के लाजपौर जेल के खेल मैदान में सबसे पहले पहुंच कर सर्व प्रथम ध्यान और ओमकार का  गुंजन किया.देखते ही देखते जेल का वातावरण सकारात्मक, शांति-प्रदायक ऊर्जा से ओत प्रोत हो गया .यह देख जेल प्रशासन द्वारा मैदान में साउंड माइक, स्पीकर एवं अन्य व्यवस्थाएं की गई ताकि बंदी भी योग दिवस मना सके. पूज्य साईं जी के सनिध्य्य में सभी जेल परिसर में उपस्थित कैदी एवं पुलिस प्रशासन के सदस्यों ने योग कार्यक्रम प्रारम्भ किया. जिसमे श्री नारायण साईं जी ने  सबसे पहली पंक्ति में योगासनों का प्रदर्शन करते हुए कैदियों को योग सुचारू रूप से करने के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन दिया.
उलेखनीय है कि तीन दशकों से भी ज्यादा विश्व भर में योग और ध्यान के प्रचार में रत रहने वाले श्री नारायण साईं जी ने झूठे आरोपों के तेहत जेल में आने के पश्चात भी प्रत्येक दिन योगासन और ध्यान नियमित रूप से स्वयं भी किया है और अपने संपर्क में आने वाले पुलिस कर्मचारियों और कैदियों को भी इसी दिशा में प्रेरित किया है.
साईं जी के कहते है “तनाव और मानसिक बीमारी के कारण विश्व में कर्मचारियों की काम करने की क्षमता प्रभावित होती है. बदलती जीवनशैली के कारण मोटापा, मधुमेह तथा दिल की बीमारियाँ बढ़ रही हैं. भारतीय योग – ध्यान तनाव व मानसिक बीमारियों को मिटाने का सटीक उपाय होने के साथ साथ इलाज का बेहतर विकल्प है. भारतीय ध्यान – योग अनेकानेक बीमारियों से बचाता है और शारीरिक, मानसिक तथा आध्यात्मिक आरोग्य प्रदान करता है. विश्व में भारतीय योग को सीखने वालों की संख्या बढ़ रही है. अतः आईये हम भारत में योग प्रशिक्षिकों को तैयार करें और सम्पूर्ण विश्व में उनको भेजें. भारत को विश्व की योग राजधानी बनाएं. योग करें, योगी बनें. विश्व को रोग मुक्त बनाएं.”

तीन वर्ष पूर्व भी नारायण साईं जी ने जेल से एक पत्र लिख कर भारत की समस्त जेलों में नियमित योग होने का प्रस्ताव भारत सरकार को दिया था जिसके आज सकारात्मक परिणाम नज़र आ रहे हैं .

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