Pujya Saiji files petition in Surat Court to meet his father and revered saint Asaram ji Bapu.

श्री नारायण प्रेम साईंजी ने अपने पिता संत आशारामजी बापू से मिलने के लिए सूरत कोर्ट में लगाई अर्जी ।
 
 
 
श्री नारायण साईं जी ने 16 मई 2017 को सूरत सेशंस कोर्ट में अपने पिताश्री संत श्री आशारामजी बापूजी को जोधपूर मिलने जाने और उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने पैरोल एप्लीकेशन दर्ज की.
श्री नारायण साईं जी ने अर्जी में यह लिखा है कि यदि कोर्ट अनुमति दे तो वे अपने पिताश्री संत श्री आशाराम बापूजी से मिलने जायेंगे. उनके पिताश्री का स्वस्थ्य खराब है और जो लोग उनका केस देख रहे हैं वो सही ढंग से केस की हैंडलिंग नहीं कर रहे हैं. ऐसी परिस्तिथि में उनका जोधपूर जाना आवश्यक है. यदि वे जोधपूर जाकर वकीलों के साथ मिलकर अपने पिताश्री के केस पर ध्यान नहीं देंगे तो हो सकता है उनके पिताश्री को उचित न्याय नहीं मिले.
श्री नारायण साईं जी ने यह भी लिखा कि यदि उनको कोर्ट अपने पिताश्री को मिलने की अनुमति नहीं देता है तो उनको कम से कम अपने पिताश्री से टेलीफोन द्वारा बात चित करने की मंजूरी दी जाए. इसके लिए उनको एक मोबाइल उपलब्ध करवाया जाए जो कोर्ट द्वारा रजिस्टर्ड हो और वे स्वयं उसका बिल भरने को भी तैयार हैं. उस मोबाइल द्वारा उनको अपने वकीलों, परिवारजनों एवं ट्रस्ट के सदस्यों से बात चित, वार्तालाप करने की अनुमति दी जाए...और भले ही वो बातें रिकॉर्ड हों, इसके लिए कोई आपत्ति नहीं है.
साईं जी ने पिछले माह कोर्ट में सूरत जेल में मच्छरों के उपद्रव के विषय में जो अर्जी दी थी, उसके सकारात्मक परिणाम आये और कोर्ट के निर्देश अनुसार जेल में कदम उठाये गये और मच्छरों का उपद्रव कम हुआ, इसके लिए साईं जी ने सूरत सेशंस कोर्ट का आभार भी इस पत्र द्वारा व्यक्त किया.
अब देखना यह है कि सूरत कोर्ट से श्री नारायण साईं जी की इस अर्जी पर क्या फैसला आता है. क्या सूरत के न्यायमूर्ति श्री नारायण साईं जी की इस उचित मांग की सुनवाई शीघ्र करके जोधपूर जेल में बंद उनके पिताश्री से मिलने की अनुमति प्रदान करेंगे? स्वयं एक झूठे आरोप फंसे पुत्र को ऐसे ही झूठे आरोपों में फंसे अपने वृद्ध पिता के अधिकारों के लिए लड़ने व उनको न्याय दिलाने के लिए सूरत कोर्ट कितना सहयोग देता है, यह जानने और देखने के लिए उनके देश विदेश के करोड़ों अनुयायी उत्सुक हैं, प्रतीक्षारत रहे हैं....

Share on :