परम पूज्य साॅईजी क दर्शन-सत्संग लगातार 7 दिनों

 परम पूज्य साॅईजी क दर्शन-सत्संग लगातार 7 दिनों तक सुबह-शाम कई-कई बार हुए। साॅईजी ने प्रेम और आनन्द की बारंबार बौछार की। कभी सत्संग से, कभी बीज मंत्रों के जप से और कभी फकीरी मस्ती में भजन गाकर साॅईजी ने सबको सहज में आनन्दित किया। साॅईजी ने व्यवहार में कैसे आत्मज्ञान लाया जाये इसकी सरल रीति बताई। पूज्य दादा गुरूजी कैसे अपने से बात करते थे कि ‘ लीला क्या खाएगा। खाना तो मिलेगा पर पहले सत्संग करना पडे़गा।’ और बताया कि आत्मनिरिक्षण करने से ही साधना के दुर्गम पथ पर सरलता से बड़ा जा सकता है। अब तो आगे के शिविर का इंतजार रहेगा और लेह-लदाख में साॅईजी के सात्रिध्य की याद बार-बार आती रहेगी। 

 

                                                                                                        - सचिन दीवान, 70 A, साकेत, मेरठ,
                                                                                                               ( उ .प्र .) मो : 8859111150
 

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