मैं रीटाबेन भण्डारी, गाॅव- थर्मल, जिला-बालासिनौ

मैं रीटाबेन भण्डारी, गाॅव- थर्मल, जिला-बालासिनौर ; गुंज द्ध की निवासी हूॅ। मुझे ब्रेस्ट कैंसर हो गया था। डाॅक्टर के इलाज और खर्चों से हम अत्यंत परेशान हो चुके थे। आॅपरेशन, दवाईयाॅ आदि मिलाकर कुल खर्चा 15 लाख से अधिक का पडा था। फिर भी  ठीक होने की गारंटी नहीं थी। हम लगभग हिम्मत हार चुके थे। पर निराशा में आाशा की किरण लेकर मानो सांॅईजी थर्मल में हमारे शहर में पधारे। हम सबने सोचा कि-जब सब ओर से  निराशा हाथ लगी हो ऐसे समय में निराधार के आधार केवल सांॅईनाथ ही हैं। हम सांॅईजी के पास पहुंॅचे और अनुनय-विनय
करके उन्हें अपने घर ले गये।
    पूज्य सांॅईजी के श्रीचरणों की छवि हेतु हमनें हल्दी, केसर, चंदन मिश्रित जल का घोल बनाया और उससे पूज्य सांॅईजी के श्रीचरणों का अभिषेक किया। उस पवित्र घोल को सुखाकर बाद मैं रोज श्रद्धा भक्ति सहित उस चंदन को अपनी कैंसर की गांठ पर लगाती और सांॅईजी से प्रार्थना करती अगर आप मुझे जीवित रखना चाहते हो तो इससे मैं अवश्य ठीक हो जाउंॅगी। आश्चर्य को भी आश्चर्य हो जाये कुछ माह  पश्चात् जब हमने डाॅक्टरों से पुनः चैकिंग
करवाई तो कैंसर के कोई लक्ष्ण रिपोर्ट में दिखाई नहीं दिये। डाॅक्टर हैरान होकर पूछने लगे आपने कहीं विदेश या अन्यत्र जाकर कोई टी्र्टमेंट करायी क्या? और कराई भी तो ऐसी कौनसी टी्र्टमेंट है जो इतनी जल्दी आपका भयंकर कैंसर मिट गया? हमने कहा यह किसी डाॅक्टर की टी्र्टमेंट नहीं है मारे प्यारे साॅईनाथ महाराज की कृपा और आशीर्वाद की टी्र्टमेंट है। उनको जब पूरी बात बताई तो डाॅक्टरों ने कहा हमारे जीवन का यह पहला केस है जो बिना किसी मेजर टी्र्टमेंट या आॅपरेषन ठीक हो गया। हमें  भी आपके गुरूजी के दर्शन कराईये। यहाॅ उन डाॅक्टरों की रिपार्ट भी आपको भेज रही हूॅ।

 

                                                                                                     - सांॅई चरणानुरागी रीटाबेन भण्डारी

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