सांई कृपा से हुई रक्षा - उत्तराखण्ड में मची भयंकर तबाही को कौन नहीं जानता? हजारों लोग इसमें मारे गये और क्या पता हम भी उन अभागो में से एक होने वाले थे!

 सांई कृपा से हुई रक्षा -  उत्तराखण्ड में मची भयंकर तबाही को कौन नहीं जानता? हजारों लोग इसमें मारे गये और क्या पता हम भी उन अभागो में से एक होने वाले थे!
         हमारा पूरा परिवार 15 जून को 4 धाम यात्रा के लिए जाने वाला था परन्तु जाको राखे सांॅईया मार सके ना कोई। सांॅई भक्त प्रतिपाल है। वे अंतर्यामी और भक्त वत्सल हैं। वे भला अपने भक्तों को उस मौत की खाई में कैसे जाने देते? सांॅई कृपा से हमें समय रहते ही ज्ञात हुआ कि पूज्यश्री का लेह-लदाख में 7 दिवसीय ध्यान योग शिविर
है और उन्हीं की प्रेरणा से हमने अपनी चार धाम यात्रा स्थगित कर दी और सांॅई के सात्रिध्य में साधना शिविर में जाने की तैयारियांॅ शुरू कर दीं।
   बाद में जब उत्तराखण्ड की  विनाशकारी दुर्घटना और यात्रियों की दुर्दशा की दर्दनाक कहानियाॅ हमने टीवी चैनल
और समाचार पत्रों में देखी-सुनी तो हमारे रोंगटे खड़े हो गयें। हृदय कृतज्ञता से भर गया और आंॅखों से
श्रद्धाभक्ति के आंॅसू निकलने लगे कि हे सांॅईनाथ, हे गरीब नवाज, तेरी लाख-लाख महरबानियांॅ जो हम सबको सही सलामत बचा लिया।
      उसके बाद हम सपरिवार लदाख के
शिविर में गये। वहांॅ जो आनंद आया वह अवर्णनीय था। पूज्यश्री हम पर
अनुग्रह कर हमारे शहर उधमपुर भी पधारे और सभी को र्दशन सत्संग का दुर्लभ लाभ प्राप्त हुआ। सांॅईकृपा का
सुरक्षा कवच जैसे हमें प्राप्त हुआ है वैसे सभी को प्राप्त हो यही श्री चरणों में विनम्र प्रार्थना।
                                                                                                                - मंजू जमवाल,
                                                                                            हाउस नं 321, वार्ड नं ़ 17, ओमारा मोड़,
                                                                                                             उधमपुर, जम्मू-कश्मीर

 

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